भरत चरित्र का मार्मिक वर्णन सुन भाव-विह्वल हुए श्रद्धालु

वाराणसी। जैतपुरा स्थित माँ बागेश्वरी देवी प्रांगण में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन महंत बालक देवाचार्य जी महाराज ने भरत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भरत त्याग, समर्पण, भ्रातृ प्रेम और धर्मनिष्ठा के सर्वोच्च प्रतीक हैं। भरत-मिलाप प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विह्वल हो उठे।

कथा व्यास ने बताया कि भरत ने श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं सेवक भाव से राज्य संचालन किया, जो त्याग और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने श्रीराम नाम संकीर्तन एवं आरती में सहभागिता की।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने व्यास पीठ की आरती उतारी। कार्यक्रम का संचालन राजेश सेठ ने किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित