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  • National Executive meeting of Haihayavanshi Kshatriya Central Steering Committee concluded in Varanasi.

हैहयवंशी क्षत्रिय केंद्रीय संचालन समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक वाराणसी में सम्पन्न।

जातीय जनगणना, संगठन विस्तार एवं महेश्वर धाम परियोजना पर हुआ मंथन।

वाराणसी। रामकटोरा स्थित चिंतामणि बाग में अखिल भारतीय हैहयवंशी क्षत्रिय केंद्रीय संचालन समिति, दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने संगठन के विस्तार, समाज के उत्थान तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष राम नारायण ताम्रकार (सीहोर) ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव अतुल वर्मा (दिल्ली), राष्ट्रीय संयोजक विजय वर्मा हैहयवंशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. वर्मा हैहयवंशी, मनोज जसाठी (जबलपुर), युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कांत वर्मा (इंदौर), महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा पटेल (भोपाल), नंदा ताम्रकार, मंजुलता ताम्रकार, सुजाता ताम्रकार सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं गुजरात समेत विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में वर्ष 2027 में प्रस्तावित जातीय जनगणना के दौरान समाज की जाति के नाम में एकरूपता सुनिश्चित करने, पदाधिकारियों को दायित्व सौंपने, महेश्वर धाम में भगवान श्री राजराजेश्वर की 100 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना की प्रगति एवं प्रक्रिया को गति देने, विभिन्न प्रकोष्ठों के गठन तथा समाज के इतिहास के संरक्षण पर चर्चा की गई।

वक्ताओं ने बताया कि हैहयवंश का प्रथम अधिवेशन वर्ष 1918 में आयोजित हुआ था और अब उसके 108 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज के गौरवशाली इतिहास एवं संगठन की यात्रा पर आधारित एक स्मारिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही समाज की जनगणना का कार्य तेज करने पर भी सहमति बनी।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ का गठन किया गया तथा नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। संगठन ने वाराणसी निवासी नवीन कसेरा को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया। वहीं सुमित कसेरा एवं मुकेश कसेरा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।

बैठक के अंत में समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती एवं भावी योजनाओं को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।