रामपुर /उत्तर प्रदेश/ रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारत को बचाने को लेकर सपा सांसदों का डेलिगेशन रामपुर डीएम अजय कुमार द्विवेदी से मिला। सांसद हरेंद्र मलिक ने यूनिवर्सिटी को दिए गए नोटिस को इलीगल बताया है वहीं उन्होंने चोटिला अंदाज में कहां की बहुत देर कर दी हुजूर आते आते... वही सांसद इकरा हसन ने भी नोटिस को गलत बताया है।
वीओ-1: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाली मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के बिना नक्शा पास 38 भवनो को डिमोलिश किए जाने को लेकर रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया है। इस यूनिवर्सिटी में काफी खूबसूरत इमारतें मौजूद हैं। जिनको देखने के बाद एक अलग एहसास की अनुभूति होती है लेकिन अब इन इमारतो के जमींदोज़ होने की अंतिम तारीख की ओर धीरे-धीरे वक्त बढ़ रहा है। इस यूनिवर्सिटी में मौजूद 38 इमारतों को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी की जद्दोजहद जारी है। आजम खान बीते 17 नवंबर से रामपुर के जिला जेल में बंद है उनकी इस यूनिवर्सिटी की नीव तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में वर्ष 2006 में रखी थी।
बिना नक्शा पास 38 इमारत को डिमोलिश करने की कार्रवाई के विरोध में छात्र 8 दिन से यूनिवर्सिटी गेट पर धरना दिए हुए हैं, वहीं उनकी मांग है कि इसके ध्वस्तीकरण के आदेश को सरकार वापस ले। अब इसी कड़ी में सपा के लगभग 10 सांसदों व दो अन्य नेताओं सहित कल 12 लोगों के डेलिगेशन ने डीएम अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात की है और नोटिस को इन लीगल बताया है।
वीओ-2: सांसद हरेंद्र मलिक ने जहां डिमोलिश की कार्रवाई को लिए गए नोटिस पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है वही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्थिति पर शायराना अंदाज में तंज कसा है। कुछ इसी तरह मुजफ्फरनगर के कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने भी मीडिया से रूबरू होकर डिमोलिश की कार्यवाही को लेकर दिए गए नोटिस को गलत बताया और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।