मजदूरों के हालात पर सरकारें कब गंभीर चिंतन करेगी? :जसवंत सिंह

लखनऊ। मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह नें कहा कि चूंकि हम उत्तर प्रदेश से आते है तो तो सीधी बात मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से नोएडा में जो कर्मचारियों का आंदोलन हुआ जिस प्रकार की कार्यवाही श्रमिकों के द्वारा की गई वह कार्यवाही श्रमिकों के इतिहास में भी नहीं रही है,जब हम श्रमिक नेता बनते है तो यह सिखाया जाता है कि धैर्य के साथ अपनी मांगों को रखे ,द्विपक्षीय वार्ता से समस्याओं का निस्तारण कराया जाए,जिससे उद्योग भी उन्नति करे और कर्मचारियों को भी समय से उनके हक , अधिकार मिले लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है सरकार ,उद्योगपति से मजदूर क्यों और कैसे लड़ सकता है उसकी औकात ही नहीं है फिर ऐसा संघर्ष नोएडा में क्यों हुआ इस पर विचार होना चाहिए। 

कर्मचारी तो कर्मचारी है चाहे संविदा हो,आउट सोर्स या दिहाड़ी मजदूर और चाहे नियमित हो ,क्या सभी को अलग अलग वेतन देश में असमानता ,हीनभावना और आक्रोश को जन्म नहीं देता।  श्रम कानूनों को सूक्ष्म बिंदुओं में करके क्या अब न्यायालय में बिंदुओं या स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण न्याय पाने में और कठिनाइयां नहीं आएगी उससे क्या देश के मजदूरों में असंतोष नहीं फैलेगा नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन के उग्र होने ,अराजकता फैलाने पर वहां पर त्वरित निर्णय लिए जाने की प्रक्रिया प्रदेश के अन्य श्रमिकों को ऐसा करने की प्रेरणा तो नहीं देगी।

महामंत्री यशवंत सिंह नें कहा कि आपको लगातार परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्याओं से पत्र,बाइट,प्रेस वार्ता के माध्यम से लगातार बताता रहा हूं। यह भी अवगत करता चला आ रहा हूं कि आज के हालत ऐसे है जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम आज अपने अस्तित्व को बचाने में लगा है लेकिन निगम के पास ऐसी कोई योजना नहीं है शासन, प्रशाशन,परिवहन विभाग,पुलिस प्रशाशन सभी निगम के विरोधी हो गए है क्योंकि हमारा किराया ज्यादा है ही नहीं बहुत ज्यादा है,डग्गामार संचालन सभी का संरक्षण पा कर फल फूल रहा है,परिवहन निगम से अतिरिक्त यात्री कर के नाम पर वार्षिक 250,300 करोड़ लिया जा रहा है,राष्ट्रीयकृत मार्गो का अब केवल 6% रह गया है,,

प्रदेश के युवाओं की जवानी को लूटा जा रहा है उनको एजेंसियों के माध्यम से अब लिया जा रहा खुलेआम शोषण का ठेका दिया जा रहा है 

जसवंत सिंह नें कहा कि  जितनी भी आर्थिक सहायता सरकार द्वारा दी गई उसमें कितना बंदर बाट हुआ,सभी योजनाएं फर्श पर धड़ाम क्यों हो जाती है क्या कर रहे है शासन और निगम मुख्यालय के आला अधिकारी पीड़ा है बोल रहा हूं वर्तमान में परिवहन निगम में अपने आप को बीजेपी से सम्बन्धित या किसी भी प्रकार से जुड़ाव दिखाने वाले तीन संघठन है जो ,, यहां पर शांति शांति है,,का पाठ रटते रहते है जिससे परिवहन निगम की असल स्थिति आपके समक्ष नहीं आती है क्योंकि जब चुनाव का समय आता है तब यह सभी अपना अपना रास्ता ढूंढ लेते है अभी सरकार का लाभ लेना है सरकार रहे या नहीं रहे क्योंकि इन जैसे लोगों पर पुनः सरकार बनाने की जिम्मेदारी नहीं है वह तो आप और मोदी पर है। यदि आपके कीमती समय में यदि पांच मिनट का समय मिल जाय तो परिवहन निगम की वस्तु स्थिति और सच्चाई आपके समक्ष रखना चाहूंगा कृपया मेरी बाते उचित लगे तो समय दिया जाय और विचार किया जाय।