वाराणसी, दिल्ली में हाल के दिनों में हुई गंभीर घटनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा कर्तव्य निर्वहन के दौरान कठिनाइयों और चोटों का सामना करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मनोबल को लेकर अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, संयोजक–भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष–दी बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी द्वारा दिल्ली सरकार को भेजे गए प्रार्थना-पत्र पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ी है अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने 6 अगस्त 2026 को रात 9:39 बजे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आधिकारिक ई-मेल पर प्रार्थना-पत्र भेजा था। इसकी प्रतिलिपि दिल्ली के उपराज्यपाल को भी भेजी गई थी। पत्र में दिल्ली पुलिस का मनोबल बढ़ाने, घायल पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करने तथा हिंसा, षड्यंत्र, उकसावे अथवा कानून-व्यवस्था भंग करने में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई थी प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अगस्त को सुबह 8:56 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली ने प्रार्थना-पत्र को दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद के कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया। इसके बाद उसी दिन सुबह 10:54 बजे प्रकरण को OSD to HLG के कार्यालय भेजा गया इसके बाद 10 अगस्त को शाम 4:02 बजे OSD to HLG कार्यालय ने पत्राचार Deputy Secretary, LGS को भेजा। शाम 4:51 बजे Deputy Secretary, LGS ने पूरे प्रकरण को आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police, Delhi) को अग्रेषित कर दिया। ई-मेल में अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी को भी प्रतिलिपि में रखा गया है अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि प्रकरण का मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त के कार्यालय तक पहुंचना दर्शाता है कि शिकायत को प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली पुलिस उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी तथा कानून-व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का मनोबल बनाए रखना केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि कानून के शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कर्तव्य के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को सरकार और समाज का नैतिक समर्थन मिलना चाहिए वर्तमान में उपलब्ध ई-मेल रिकॉर्ड के अनुसार प्रकरण दिल्ली पुलिस आयुक्त के कार्यालय तक पहुंच चुका है। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों में इसके बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा की गई कार्रवाई, FIR अथवा किसी जांच के आदेश की पुष्टि नहीं है। ऐसे में फिलहाल यह कहा जा सकता है कि मामला संबंधित पुलिस प्राधिकारी के समक्ष आवश्यक कार्रवाई के लिए विचाराधीन है।