मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा*
रामपुर/रामपुर का जिला अस्पताल अपनी बेहतरीन चिकित्सा सेवाओं और अनुशासित व्यवस्था के लिए पूरे जिले में जाना जाता हैँ इसी अस्पताल के गलियारों में पिछले कई वर्षो से एक चेहरा ऐसा हैँ , जो हर मरीज के दर्द पर मरहम और हर जूनियर स्टाफ के लिए एक ढाल की तरह मौजूद रहता था—वह थीं सिस्टर विक्टोरिया मैसी विक्टोरिया का नर्सिंग सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने एक सामान्य स्टाफ नर्स के रूप में शुरुआत की थी, तब उनके सामने अनगिनत रातें ऐसी आईं जहाँ वे लगातार चौबीस-चौबीस घंटे अपने पैरों पर खड़ी रहकर मरीजों की सेवा करती थीं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वे सिर्फ दवाइयां नहीं देती थीं, बल्कि अपनी सांत्वना भरी बातों से मरीजों का आधा दर्द वैसे ही दूर कर देती थीं समय बीतता गया। अस्पताल के बदलते दौर, कोरोना जैसी महामारियों के कठिन संकट और अस्पताल की तमाम प्रशासनिक चुनौतियों के बीच विक्टोरिया कभी नहीं डगमगाइ, उनकी यही अटूट कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव देखकर अस्पताल प्रबंधन ने एक बड़ा निर्णय लिया वह मनहूस या थका देने वाली सुबह नहीं, बल्कि उम्मीदों से भरी एक सुनहरी सुबह थी, जब अस्पताल के मुख्य सभागार में एक विशेष सभा बुलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने जैसे ही मंच से माइक संभाला, पूरे हॉल में पिन-ड्रॉप साइलेंस छा गया "आज का दिन हमारे इस संस्थान के लिए बेहद गौरवशाली है," मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने मुस्कुराते हुए कहा, "एक ऐसा व्यक्ति जिसने अपने जीवन के कई वर्ष इस अस्पताल की सेवा में समर्पित कर दिए, जिसकी लगन और कर्तव्यनिष्ठा ने हमें हर मुश्किल घड़ी में संभाला... आज हम उन्हें 'मैट्रन' के पद पर पदोन्नत करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हमारी नई मैट्रन हैं—श्रीमती विक्टोरिया मैसी।" पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जूनियर नर्सों की आँखों में चमक और गर्व था, क्योंकि वे जानती थीं कि यह पदोन्नति किसी सिफारिश का नतीजा नहीं, बल्कि विक्टोरिया की वर्षों की तपस्या और निष्काम सेवा का असली फल है विक्टोरिया जब मंच पर पहुँचीं, तो उनकी आँखें नम थीं। उन्होंने अपने सहयोगियों की तरफ देखा और मन ही मन यही सोचा कि यह सिर्फ एक पदोन्नति नहीं, बल्कि मानवता और सेवा के मार्ग पर चलते रहने की एक और बड़ी जिम्मेदारी है उनकी यह सफलता रामपुर के हर उस इंसान के लिए एक मिसाल बन गई, जो मेहनत और ईमानदारी के दम पर अपने सपनों को सच करना चाहता है।