चौकी प्रभारी का व्यवहार सवालों के घेरे में

पत्रकार हो या आम नागरिक—सम्मानजनक संवाद पुलिस की जिम्मेदारी, वर्दी अधिकार नहीं बल्कि सेवा का प्रतीक

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा

रामपुर। पीला तालाब चौकी प्रभारी के पद पर दीपक चौहान की नई जिम्मेदारी को लेकर क्षेत्रवासियों ने शुभकामनाएं दी हैं। नई जिम्मेदारी के साथ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने की उम्मीद भी जताई जा रही है। हालांकि, पत्रकारों और आम लोगों से बातचीत के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा या असम्मानजनक व्यवहार की शिकायतें सामने आती हैं तो यह पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। पुलिसकर्मी का व्यवहार, उसकी भाषा और जनता की बात सुनने का तरीका भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पत्रकार हो, व्यापारी हो, सामाजिक कार्यकर्ता हो या आम नागरिक—हर व्यक्ति सम्मानजनक व्यवहार का अधिकारी है वर्दी सम्मान देती है, लेकिन जवाबदेही भी बढ़ाती है पुलिस की वर्दी कानून का अधिकार देती है, लेकिन उसके साथ जनता के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही भी जुड़ी होती है। किसी व्यक्ति से असहमति होने पर भी संयमित भाषा में बात करना और उसकी बात सुनना पुलिस की गरिमा को बढ़ाता है पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। पत्रकारों द्वारा पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछना या किसी मामले की जानकारी लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। इसी तरह आम जनता भी अपनी समस्या लेकर पुलिस चौकी और थाने पहुंचती है। ऐसे में बातचीत का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों में भय नहीं बल्कि भरोसा पैदा हो बदतमीजी किसी के साथ भी उचित नहीं यदि किसी पत्रकार या आम नागरिक के साथ चौकी प्रभारी द्वारा अभद्रता की गई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि बातचीत के दौरान कोई गलतफहमी हुई है, तो उसे भी संवाद के माध्यम से दूर किया जाना चाहिए। किसी भी पक्ष को बिना पूरी जानकारी के दोषी ठहराना उचित नहीं है जनता की अपेक्षा है कि नई जिम्मेदारी संभालने वाले चौकी प्रभारी दीपक चौहान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ व्यवहार और संवाद के स्तर पर भी सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध तभी बनेंगे जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात सम्मानपूर्वक सुनें जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत पीला तालाब क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि नई जिम्मेदारी के साथ चौकी प्रभारी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों, व्यापारियों और पत्रकारों से संयमित, शालीन और सम्मानजनक संवाद को प्राथमिकता देंगे। क्योंकि पुलिस की असली सफलता केवल कार्रवाई में नहीं, बल्कि उस भरोसे में है जो जनता अपने पुलिसकर्मियों पर करती है। वर्दी किसी से बदतमीजी करने का अधिकार नहीं देती; बल्कि वर्दी पहनने वाले पर जनता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।