मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। जिले में एक चर्चित व्यक्ति की सरकारी अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार दिखाई देने वाली मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि तौसीफ राजा नाम का व्यक्ति न तो कोई सरकारी कर्मचारी है और न ही किसी सरकारी विभाग में उसकी नौकरी है। इसके बावजूद वह पुलिस अधिकारियों से लेकर सरकारी कार्यक्रमों तक में नजर आता बताया जा रहा है बताया जा रहा है कि तौसीफ राजा का निजी कारोबार पहाड़ी गेट क्षेत्र में डेयरी और दूध से जुड़ा है। इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों और पुलिस से जुड़े आयोजनों में उसकी मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में एक तस्वीर में भी वह थाना गंज में पुलिस अधिकारी के पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है, जिसके बाद उसकी पहुंच और अधिकारियों से नजदीकी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं सूत्रों के मुताबिक, मामले को लेकर पुलिस कप्तान से भी बातचीत की जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति का अधिकारियों के आसपास लगातार दिखाई देना कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं थाना गंज में तैनाती और तबादलों के बाद भी उसकी मौजूदगी को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं आखिर सरकारी कार्यक्रमों में एंट्री कैसे सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि तौसीफ राजा किसी सरकारी विभाग में कर्मचारी नहीं है तो उसे सरकारी कार्यक्रमों और अधिकारियों के आसपास इतनी आसानी से पहुंच कैसे मिल रही है? क्या वह किसी अधिकारी का अधिकृत प्रतिनिधि है? यदि नहीं, तो उसकी मौजूदगी का आधार क्या है अधिकारियों से नजदीकी या महज संयोग यह पूरा मामला फिलहाल सवालों के घेरे में है। अधिकारियों और तौसीफ राजा के बीच किसी तरह की मिलीभगत है, ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार सरकारी कार्यक्रमों में उसकी मौजूदगी निश्चित रूप से जांच का विषय बन सकती है अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में स्पष्ट करेगा कि आखिर तौसीफ राजा की सरकारी कार्यक्रमों और पुलिस अधिकारियों के बीच मौजूदगी की वजह क्या है और उसे किस आधार पर वहां प्रवेश मिलता हैतहलका सवाल न सरकारी नौकरी, न सरकारी पद—फिर अफसरों के साथ हर जगह क्यों नजर आता है यह ‘चर्चित चेहरा’ कप्तान से बात के बाद भी जारी है मौजूदगी—आखिर पर्दे के पीछे क्या है पूरा मामला?