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  • A major tragedy in Sultanpur averted or waiting? _________ ??A massive acacia tree becomes 'death', officials unconcerned

सुलतानपुर में बड़ा हादसा टला या इंतज़ार? _________ 👉बबूल का भारी-भरकम पेड़ बना 'काल', बेफिक्र अफसर

अजय सिंह

लखनऊ/​सुलतानपुर। तहसील सदर के ग्राम लखीपुर-पोस्ट वैजापुर से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ ग्राम समाज की बंजर भूमि पर खड़ा एक विशालकाय जंगली बबूल का पेड़ ग्रामीणों और बेजुबान मवेशियों के लिए सीधा काल बनता दिख रहा है ​क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण इस खतरनाक पेड़ की जड़ें पूरी तरह ढीली हो चुकी हैं। पेड़ काफी हद तक एक तरफ झुक चुका है और किसी भी क्षण ज़मींदोज़ हो सकता है मड़ई के ठीक ऊपर झुका पेड़, मासूम बच्चे और बेजुबान निशाने पर ​जिस स्थान पर यह पेड़ झुका हुआ है, ठीक उसी के नीचे पीड़िता कुसुम लता यादव की मड़ई और छप्पर बनी हुई है। इस छप्पर में हर दिन गायें और अन्य मवेशी बाँधे जाते हैं। इतना ही नहीं, यह पेड़ मुख्य रास्ते के ठीक किनारे स्थित है, जहाँ से रोज़ाना स्कूली बच्चे और आम ग्रामीण गुजरते हैं ​यदि यह भारी-भरकम पेड़ गिरता है, तो बड़े पैमाने पर जन-धन और पशुधन की हानि होना निश्चित है। ​झुका हुआ विशाल बबूल का पेड़ बारिश के बाद पेड़ कभी भी गिर सकता है। बेजुबानों पर मंडराता खतरा। ठीक नीचे बँधे रहते हैं बेजुबान जानवर ​मुख्य रास्ते पर डर का साया: मासूम स्कूली बच्चों और राहगीरों की आवाजाही जारी ग्राम प्रधान और लेखपाल का टालमटोल: "आज काटेंगे, कल काटेंगे! ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने गाँव के प्रधान और क्षेत्र के लेखपाल को फोन के माध्यम से कई बार आगाह किया। लेकिन अफ़सोस, जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने केवल "आज काटेंगे, कल काटेंगे" का खोखला बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है बड़ा सवाल अगर यह पेड़ किसी बेजुबान या इंसान पर गिर जाता है और कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या स्थानीय प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतज़ार कर रहा है? ​स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने से थक-हारकर पीड़िता "कुसुम लता यादव" अध्यक्ष "आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन" ने अब उप-जिलाधिकारी (SDM) सुलतानपुर को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है  पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि जनहित और बेजुबान पशुओं की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत मौके का निरीक्षण कराया जाए और इस जानलेवा बबूल के पेड़ को जल्द से जल्द कटवाया जाए ​अब देखना यह होगा कि सुल्तानपुर प्रशासन इस पर क्या सख्त कदम उठाता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलेगी!