वाराणसी, देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी देश में हुई संचार क्रांति के जनक और देश को इक्सवीं सदी में ले जाने वाले महानतम दूरदर्शी जन नेता धे जिनके अप्रतिम योगदान को देश कभीं नहीं भुला सकता उक्त विचार आज इंग्लिशिया लाइन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन के कार्यालय में स्वर्गीय राजीव गांधी जी क जन्म तिथि पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं द्वारा व्यक्त करते हुए आगे कहा गया कि स्वर्गीय राजीव गांधी भारत की राजनीति के एक ऐसे ध्रुव तारा थे, जिन्हों ने अपने छोटे से राजनैतिक जीवन के छोटे से शासनकाल में जहां संचार क्रांति की शुरुआत करा करके देश को विशेष रूप से देश के युवावों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कराया तो वहीं ईमानदार और मूल्य परक राजनीति करते हुए कुछ अपनों से धोखे खाने के बावजूद भी उन्होंने भारत को 21वीं सदी में ले जाने का अपना ध्रुव संकल्प कभी नहीं छोड़ा । सत्ता में रहते हुए और सत्ता से बाहर रहने के बाद भी उन्होंने राजनीतिक शुचिता, पवित्रता और मर्यादाओं का हमेशा ध्यान रख्खा। यद्यपि इस कालखंड में कुछ ऐसे मौकापरस्त लोग भी रहे जो अपने निहित स्वार्थ राजीव जी को बदनाम करने से भी बाज नहीं आए जिनको राजीव जी के हीबहुत कुछ मिला भी था, फिर भी वे सत्यपथ पर हमेशा अविचल भाव से चलते रहे , राजीव गांधी जी का छोटा सा राजनीतिक जीवन अनेक उतार चढ़ाव, उथल पथल और संघर्षों से होता हुआ अंततः देश की एकता अखन्डता की रक्षा के लिये बलिदान हो गया। वे सच्चे अर्थों में मां भारती के ऐसे महानतम सपूत थे जिन्हों ने ना चाहते हुए भी राजनीति की दुनिया में कदम रख्खा था पर अपने से छोटे से कार्यकाल में भी उन्होंने भारतीय राजनीति पर जो अमिट छाप छोड़ा उसे इतिहास कभी भुला नहीं पाएगा। ये और बात है आज की सत्ता में बैठे कुछ बौने कद के लोग उनकी राजनैतिक उंचाई को चाह कर भी जब कभीं नहीं छू पाते तो ईर्ष्या बस अनाप शनाप बातें जरूर करते दिखते हैं । ऐसे महामानव देश रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी को उनकी जन्मदिवश पर देश आदर सहित श्रद्धानत है विचार गोष्ठी के प्रारंभ में राजीव जी के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की गई विचार गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता विजय शंकर पांडे ने संचालन बैजनाथ सिंह ने किया और विचार गोष्ठी में प्रमुख रूप से , सर्वश्री राधेलाल एडवोकेट, आनन्द सिंह,विजय कृष्ण राय अन्नू, भूपेंद्र प्रताप सिंह , आनन्द मिश्रा, मनोज चौबे, महेंद्र सिंह चौहान , विवेक सिंह एडवोकेट,डाक्टर उमापति उपाध्याय, पुनीत मिश्रा,एडवोकेट पंकज मिश्रा, बह्मदेव मिश्रा ईलाका गुरू, राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, कमलाकांत पांडे, सुशील सोनकर, अशोक कुमार पांडे, पिंटू शेख आदि लोगों ने प्रमुख रूप से अपने विचार प्रकट किये ।