शिक्षक शिक्षा को नई दिशा देगा राष्ट्रीय मंथन : प्रो. प्रेम नारायण सिंह
वाराणसी, अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में “रीइमैजिनिंग टीचर एजुकेशन फॉर विकसित भारत @2047” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का शनिवार को समापन हुआ। दूसरे दिन शिक्षक शिक्षा के भविष्य को लेकर चार तकनीकी सत्रों में डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारत-केंद्रित शिक्षण तथा विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के समन्वय जैसे विषयों पर मंथन किया गया विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन. रघुनन्दन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय दृष्टि के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मतभेदों को संवाद, स्नेह और परस्पर सम्मान के साथ स्वीकार करना भारतीय ज्ञान परंपरा की विशेषता है समापन अवसर पर आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर केंद्र की भावी कार्ययोजना और रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के अनुरूप शिक्षक शिक्षा को नई दिशा देने के लिए सुझावों का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और आईयूसीटीई के शिक्षकों ने सहभागिता की।