रामपुर। उत्तर प्रदेश/जनपद रामपुर की अदालत ने करीब चार साल पुराने चर्चित हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। थाना शहजादनगर क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए इस हत्याकांड में अदालत ने सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 88 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ था। थाना अजीमनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी रमेश बाबू दूध का काम करते थे। आरोप था कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद के चलते कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई थी। बताया गया कि बचाने पहुंचे परिजनों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की थी।
घटना के बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई रामपुर अदालत में चल रही थी।
करीब 3 साल 10 महीने तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए और करीब 100 से अधिक तारीखों के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को दोषी मानते हुए अधिकतम सजा आजीवन कारावास से दंडित किया।
सरकारी अधिवक्ता अमित कुमार सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2022 में थाना शहजादनगर में दर्ज इस मुकदमे में जमीन विवाद के चलते रमेश बाबू की हत्या की गई थी। पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने के बाद सभी सात आरोपियों को आजीवन कारावास और 88-88 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
वहीं मृतक के बेटे अर्जुन ने बताया कि उनके पिता दूध लेकर घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेरकर हमला कर दिया था। शोर सुनकर परिवार के लोग बचाने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि न्यायालय के फैसले से उनका परिवार संतुष्ट है और उन्हें आज न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है।