चेहलुम जुलूस में गूंजा इंसानियत का संदेश, इमाम हुसैन को बताया मानवता की विचारधारा
वाराणसी अंजुमन इमामिया की ओर से अर्दली बाज़ार से निकाले गए चेहलुम के जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए जाकिरे अहलेबैत डॉ. अब्बास रज़ा नय्यर जलालपुरी (लखनऊ) ने कहा कि इमाम हुसैन जैसे महान महापुरुष को धर्म की बेड़ियों में नहीं बांधा जा सकता उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि इंसानियत, न्याय और सत्य की विचारधारा हैं उन्होंने कहा कि हिंदू या मुसलमान होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सबसे पहले इंसान होना आवश्यक है
मजलिस के बाद अमारी, ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ मास्टर जहीर हुसैन के इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ
जुलूस में अंजुमन हुसैन, अंजुमन अंसारे हुसैनी, अंजुमन पैगामे हुसैनी, अंजुमन हुसैनिया तथा अंजुमन इमामिया के सदस्यों ने नौहा-ख्वानी और मातम किया। मार्ग में काले बैनरों पर सफेद अक्षरों में लिखे महापुरुषों के प्रेरणादायी संदेश लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। जगह-जगह सबील लगाकर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों एवं शर्बत का वितरण किया गया
जुलूस में जहां हज़रत इमाम हुसैन का परचम लहरा रहा था, वहीं तिरंगा भी शान से फहराया जा रहा था, जिसने कौमी एकता और भाईचारे का संदेश दिया
कार्यक्रम के अंत में अंजुमन इमामिया के जनरल सेक्रेटरी ज़फ़र अब्बास रिज़वी ने सभी मोमिनीन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया
इस अवसर पर हाजी अबुल हसन, हाजी एस. एम. जाफर, कमर इरशाद हुसैन, राहिल नकवी, शुजाअत हुसैन, रियासत हुसैन, अकबर मेहंदी, नबील हैदर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।