प्रीपेड मीटर के विरोध में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में त्राहिमाम यूजीसी काले कानून के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जो स्मार्ट मीटर को प्रीपेड किया है इस कारण से जनता में बहुत बड़ा आक्रोश पनप रहा है सबसे ज्यादा गुस्सा उन ईमानदार उपभोक्ताओं में है जो अपना बिल समय से जमा करते थे लेकिन अब प्रीपेड मीटर के जरिए महत्व 10 से 20 रुपए भी कम होने पर उनके लाइट काटी जा रही है और इसका सबसे बड़ा प्रभाव हर जाति वर्ग में फैल रहा है और 2027 चुनाव में बीजेपी को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने और पोस्टपेड कनेक्शनों को प्रीपेड में बदले जाने के विरोध में सभी दलों ने कड़ा रुख अख्तियार किया है स्मार्ट मीटर 2027 मे बढ़ा मुद्दा बनेगा।