रामपुर। (मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा) थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के भमरौआ गांव में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिलती है। गांव में ऐतिहासिक शिव मंदिर (शिवालय) के बराबर में एक मजार भी मौजूद है। खास बात यह है कि वर्षों से दोनों धार्मिक स्थलों के बीच आपसी सम्मान और सौहार्द का माहौल कायम है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज तक दोनों समुदायों के बीच किसी प्रकार का बड़ा विवाद सामने नहीं आया। यहां हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में सहयोग करते हैं।
शिव मंदिर में होने वाले आयोजनों और भंडारे के दौरान मुस्लिम समाज के लोग भी सेवा भाव से सहयोग करते हैं और प्रसाद ग्रहण कर आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। वहीं गांव के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में भी साथ खड़े नजर आते हैं।
भमरौआ गांव का शिव मंदिर और मजार यह संदेश देते हैं कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत, प्रेम और भाईचारा सभी को जोड़ सकता है। गांव के लोगों का कहना है कि आपसी सम्मान और सहयोग की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहनी चाहिए।
भाईचारे की यह तस्वीर समाज के लिए बनी मिसाल | आज जब कई जगह छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है, ऐसे में भमरौआ गांव का आपसी प्रेम और सौहार्द समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यहां दोनों समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों का सम्मान करते हैं।