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  • Delhi Government Forwards Advocate Shashank Shekhar Tripathi’s Petition Regarding National Security to Delhi Police Commissioner

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी के राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी प्रार्थना-पत्र को दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को अग्रेषित किया

वाराणसी/नई दिल्ली, अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था तथा डिजिटल सूचना-पर्यावरण की सुरक्षा के संबंध में प्रस्तुत विस्तृत प्रार्थना-पत्र पर प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दिल्ली सरकार के उप सचिव (LGS) कार्यालय ने उसे दिल्ली पुलिस आयुक्त को आवश्यक विचार एवं कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया है। अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपने प्रार्थना-पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा केवल पारंपरिक सैन्य चुनौतियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर स्पेस, डीपफेक, संगठित दुष्प्रचार तथा सूचना-आधारित प्रभाव अभियानों जैसी नई चुनौतियाँ भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने आग्रह किया कि किसी भी बड़े सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान प्रशासन संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक एवं विधिसम्मत व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करे। अपने आवेदन में उन्होंने प्रदर्शन स्थलों पर पर्याप्त सीसीटीवी एवं उच्च गुणवत्ता की वीडियो रिकॉर्डिंग, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित नियंत्रण व्यवस्था, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सोशल मीडिया सामग्री की कानून के अनुरूप निगरानी, विश्वसनीय साक्ष्य मिलने पर निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित जांच, डिजिटल अभिलेखन तथा समय-समय पर आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग जैसी व्यवस्थाओं का सुझाव दिया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना साक्ष्य किसी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है तथा प्रत्येक कार्रवाई विधि और संविधान के अनुरूप होनी चाहिए। 

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वैधानिक एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार का विरोध करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और कानून के शासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु रचनात्मक सुझाव देना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सक्षम प्राधिकारी उनके सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे तथा भविष्य में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा एवं पारदर्शिता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति संविधान, विधि के शासन और उत्तरदायी प्रशासन में निहित है तथा राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखते हुए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह कानूनसम्मत एवं रचनात्मक सुझावों के माध्यम से शासन-प्रशासन का सहयोग करे।