शिक्षा और शिक्षक मांग रहे मासूम बच्चों को ‘नक्सली दिमाग’ कहना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता 👉गरीब, मजदूर और किसान के बच्चों को अशिक्षित रखकर अपनी तानाशाही और गुंडागर्दी चलाना चाहती है सरकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और शिक्षकों के 77,400 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी की छात्र विंग ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे के निकट जीपीओ पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। छात्रविंग के प्रदेश अध्यक्ष अनित रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठाई। इस दौरान अनित रावत ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूल आज बदहाली के आंसू रो रहे हैं और सरकार युवाओं व बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्रविंग के प्रदेश अध्यक्ष अनित रावत ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। विद्यालयों में बैठने के लिए कमरे नहीं हैं और जहाँ कमरे हैं, वहाँ शिक्षक नदारद हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि छोटे-छोटे बच्चे अपनी पढ़ाई और शिक्षकों की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। जिन बच्चों को आज क्लास में बैठकर अपना भविष्य संवारना चाहिए था, वे आज रोड जाम कर सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि 'हमें टीचर दे दो' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर कड़ा प्रहार करते हुए अनित रावत ने कहा कि जब देश का युवा और बच्चे बेहतर शिक्षा व रोजगार के लिए सवाल पूछते हैं, तो प्रधानमंत्री उन्हें ‘नक्सली दिमाग’ कहते हैं। रावत ने दो टूक कहा कि अगर शिक्षा के लिए हिसाब मांगना और रोजगार के लिए सवाल पूछना आपकी नज़र में नक्सलवाद है, तो हमें यह स्वीकार है। प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि युवा अपना हक मांग रहा है, कोई खैरात नहीं। अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों पर ऐसा लांछन लगाना शर्मनाक है अनित रावत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 77,400 से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। यदि सरकार इन पदों पर तत्काल नौजवानों की नियुक्ति कर दे, तो स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी पूरी हो जाएगी और हजारों युवाओं को रोजगार भी मिल जाएगा। लेकिन केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार जानबूझकर युवाओं को बेरोजगार रखना चाहती है। सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा और रोजगार कभी रहा ही नहीं है अनित रावत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा बहुत स्पष्ट है—वे चाहते हैं कि गरीब, मजदूर और किसान का बच्चा अशिक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी जानते हैं कि जिस दिन गरीब का बच्चा पढ़-लिख जाएगा, वह उनकी तानाशाही और गुंडागर्दी के खिलाफ सवाल खड़ा करेगा। इसी डर से सरकारी स्कूलों को बर्बाद किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की छात्रविंग मांग करती है कि जल्द से जल्द सभी 77,400 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं ताकि हर गरीब बच्चे को बेहतर शिक्षा मिल सके इस दौरान छात्रविंग के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल यादव, प्रदेश संगठन मंत्री आशीष , निलेश, चन्द्रजीत, शाहिद सहीत सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई शिक्षक भर्ती की मांग की।