वाराणसी/नई दिल्ली, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के बीच जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रमाणपत्र एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु बुधवार को नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समारोह में मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनन्त प्रकाश पाण्डेय, निदेशक दीपाली मसीर्कर तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा मौजूद रहे।
एमओयू के तहत यूजीसी मानकों के अनुरूप ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें जनजातीय संस्कृति, मातृभाषा और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के साथ आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर विशेष जोर रहेगा।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह पहल जनजातीय युवाओं में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता जनजातीय समाज के उज्ज्वल भविष्य और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।