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  • served a two-minuteMinister Visits Site and Reprimands Officials After Bridge Approach Collapses (Project Cost: ?2.39 Crore) silence and prayed for the peace of the departed soul.

2.39 करोड़ के पुल का एप्रोच धंसा तो मौके पर पहुंचे मंत्री अधिकारियों को लगाई फटकार

2.39 करोड़ के पुल का एप्रोच धंसा तो मौके पर पहुंचे मंत्री अधिकारियों को लगाई फटकार

 जल्द मरम्मत के निर्देश; 40 हजार आबादी का आवागमन प्रभावित

 खखरेरू/फतेहपुर  विजयीपुर विकासखंड के बदनमऊ गांव के पास ससुर खदेरी नदी-2 पर करीब 2.39 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का एप्रोच मार्ग पहली ही तेज बारिश में धंसने के मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल शुरू हो गई है। एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने से करीब 40 हजार की आबादी का प्रमुख संपर्क मार्ग प्रभावित है ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

मामले को संज्ञान में लेते हुए दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री व क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य और एप्रोच मार्ग के धंसने की जानकारी ली। स्थिति देखकर मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और एप्रोच मार्ग को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान मंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि शासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद यदि निर्माण कार्य बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किया एप्रोच मार्ग धंसने के कारण बदनमऊ समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग क्षेत्र की करीब 40 हजार आबादी के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को जोखिम उठाकर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एप्रोच मार्ग की मरम्मत के साथ निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की भी मांग की है अब देखना होगा कि करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल के एप्रोच मार्ग को कितनी जल्दी दुरुस्त कराया जाता है और निर्माण में लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।