पीएम ई-विद्या के लिए वाराणसी के तीन शिक्षकों का चयन, तैयार करेंगे शैक्षिक वीडियो

पीएम ई-विद्या के लिए वाराणसी के तीन शिक्षकों का चयन, तैयार करेंगे शैक्षिक वीडियो

एससीईआरटी के पांच दिवसीय प्रशिक्षण में लिया हिस्सा, डीटीएच टीवी चैनलों व डिजिटल माध्यम से पहुंचेगी गुणवत्तापूर्ण ई-शैक्षिक सामग्री वाराणसी  प्रधानमंत्री ई-विद्या (पीएम ई-विद्या) डीटीएच टीवी चैनलों के लिए ई-शैक्षिक सामग्री एवं वीडियो निर्माण में वाराणसी के तीन शिक्षकों का चयन हुआ है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अभिमुखीकरण सह-प्रशिक्षण में प्राथमिक विद्यालय बनपुरवा, काशी विद्यापीठ की छवि अग्रवाल, पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय गंगापुर की तूबा आसिम तथा गवर्नमेंट हाई स्कूल भतसार की अंजलि अग्रवाल ने प्रतिभाग किया छवि अग्रवाल विद्यालयी शिक्षा में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इससे पूर्व वह दीक्षा पोर्टल के लिए शिक्षण तकनीक एवं शैक्षिक मॉड्यूल आधारित वीडियो तथा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ऑडियो कंटेंट निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे चुकी हैं एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान द्वारा जारी पत्र के अनुसार भारत सरकार द्वारा प्रदेश को आवंटित पांच पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनलों पर कक्षा 1 से 12 तक की विषयवार शैक्षिक सामग्री का 24 घंटे प्रसारण किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का समकालिक प्रसारण पीएम ई-विद्या के यूट्यूब चैनलों पर भी होता है गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वीडियो तैयार करने के उद्देश्य से केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, नई दिल्ली के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से 3 से 7 अगस्त तक गंगा सभागार, एससीईआरटी, लखनऊ में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रभावी ई-कंटेंट एवं प्रसारण योग्य शैक्षिक वीडियो तैयार करने की तकनीकी और प्रस्तुतीकरण संबंधी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित शिक्षक पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनलों के लिए अपनी विषयगत एवं शैक्षणिक विशेषज्ञता के आधार पर शैक्षिक वीडियो तैयार करेंगे। टीवी एवं डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, सरल और प्रभावी शैक्षिक सामग्री पहुंचाने की इस राष्ट्रीय पहल में वाराणसी के शिक्षकों की भागीदारी को जनपद के शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।