किशोरी बालिका सम्मेलन में अधिकारों और आत्मनिर्भरता पर हुआ संवाद

किशोरी बालिका सम्मेलन में अधिकारों और आत्मनिर्भरता पर हुआ संवाद वाराणसी, किशोरियों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. शंभुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन (SRF) द्वारा शक्ति परी परियोजना के अंतर्गत शुक्रवार को अनाथपिंड गेस्ट हाउस, गेट नंबर-2 (हॉस्पिटल गेट), केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, मवैया, सारनाथ में किशोरी बालिका सम्मेलन (Adolescent Girls Conclave) का आयोजन किया गया सम्मेलन में विभिन्न बस्तियों से बड़ी संख्या में किशोरियों, Peer Educators, परियोजना कार्यकर्ताओं, अभिभावकों, सामुदायिक प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को उनके अधिकारों, अवसरों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ अपनी बात रखने और निर्णय लेने के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना रहा सम्मेलन में किशोरियों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह की रोकथाम, लैंगिक समानता, बाल संरक्षण, जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता और भविष्य की संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हुआ। किशोरियों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव भी साझा किए वक्ताओं ने कहा कि किशोरियों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की सक्रिय भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्हें अपनी बात रखने, निर्णय लेने और अवसरों तक पहुंच बनाने का मंच मिलने से वास्तविक और टिकाऊ बदलाव संभव है शक्ति परी परियोजना के माध्यम से किशोरियों के साथ नियमित Peer Group Meetings, जीवन कौशल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता, बाल विवाह रोकथाम, लैंगिक समानता तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है सम्मेलन में किशोरियों की आवाज को परिवार, समुदाय एवं संबंधित हितधारकों तक पहुंचाने तथा उनके लिए सुरक्षित, समान और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास को मजबूत करने पर जोर दिया गया।