लखनऊ। उ.प्र.स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने निकाय कर्मचारियो की लगभग 9 वर्षो से लम्बित समस्याऔ के समाधान हेतु नगर विकास व निदेशालय द्वारा समयबद्ध निस्तारण एवं निर्णय न किए जाने के विरोध स्वरूप सैकड़ो पत्राचार, बैठके, धरना-प्रदर्शन आदि के बाद भी कोई सकारात्मक निर्णय न होने से आकर्षित महासंघ प्रदेश सरकार व शासन को आन्दोलन व मा.न्यायालय जाने हेतु अन्तिम नोटिस दि. 6 अप्रैल 26 को प्रेषित कर समय रहते कर्मचारियो के हितार्थ निर्णय लेने की अपील की है।
यदि नगर विकास विभाग ने महासंघ की प्रेषित नोटिस पर इस माह तक कोई सकारात्मक समाधान नही किया तो महासंघ मा.न्यायालय जाने व आन्दोलन हेतु वाध्य होगा।
महासंघ प्रदेश के अन्य राज्य,निगम,परिवहन, शिक्षको,स्वास्थ सेवाऔ, सफाई आदि के लगभग 30 बडे व छोटे कर्मचारी संगठनो के साथ सामूहिक एकता बनाए जाने की बैठके व विचार-विमर्श कर रहा है,निश्चित रूप से बहुत जल्द सामूहिक एकता बना कर प्रदेश के कर्मचारी समाज के मौलिक अधिकारो व उनकी मांगो पर एक बडे आन्दोलन की भी रणनीति बनायी जा रही,क्योकि वर्तमान सरकार व शासन में बैठे उच्च अधिकारियो द्वारा किसी कर्मचारी संगठनो के साथ न विभागीय बैठके कर रहे और न ही समस्याओ का समाधान हो रहा,इन परिस्थियो में प्रदेश के लाखो लाख कर्मचारियो की लम्बित समस्याओ पर सामूहिक एकजुटता के साथ एकता मंच बना कर निर्णायक आन्दोलन किए जाने की सहमति बन रही है,जिससे प्रदेश सरकार व शासन को अवश्य ही प्रतिफल भुगतना पडेगा।