मृत्यु प्रमाण पत्र (DA200009918100012711
BHIKHA LAL 24-11-2000 07-12-2000)के लिए भटक रहा पीड़ित, कर्मचारी ने दिखाई दबंगई ।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में आम जनता के साथ संवेदनहीनता और बदसलूकी का मामला सामने आया है पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा एक पीड़ित कर्मचारी के अड़ियल रवैये और अभद्र व्यवहार का शिकार हो गया पूरी घटना का वीडियो भी हमारी टीम के पास है एक महीने से टहला रहा कर्मचारी जानकारी के मुताबिक, पीड़ित 15 जुलाई को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय पहुंचा था हां तैनात कर्मचारी राकेश कुमार ने काम करने के बजाय उसे 15 अगस्त के बाद आने की बात कहकर लौटा दिया जब पीड़ित उम्मीद लेकर 19 अगस्त को दोबारा कार्यालय पहुंचा, तो राकेश कुमार ने काम करने से साफ इनकार कर दिया और उसे अगले महीने आने की धमकी देते हुए दफ्तर से उल्टे पैर भगा दिया *दिल्ली वाले करते है सबकुछ, सीएमओ क्या करेंगे हैरानी की बात यह रही कि जब पीड़ित ने अपनी मजबूरी बताई, तो कर्मचारी राकेश कुमार ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा, "दिल्ली में बैठे लोग सबकुछ करते हैं, सीएमओ क्या करेंगे!" कर्मचारी की इस दबंगई और पल्ला झाड़ने वाले रवैये का वीडियो टीम के पास मौजूद है।
*डिप्टी सीएम के निर्देशों की उड़ी धज्जियां*
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समय-समय पर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई का चाबुक चलाते रहे हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों पर इसका कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा।
आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए पहुंच रहे पीड़ितों के साथ हो रहा यह अपराधियों जैसा व्यवहार शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है।
ये रहा नंबर लखनऊ सीएमओ कार्यालय बना बदसलूकी का अड्डा ।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहा पीड़ित, कर्मचारी ने दिखाई दबंगई ।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में आम जनता के साथ संवेदनहीनता और बदसलूकी का मामला सामने आया है।
पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा एक पीड़ित
कर्मचारी के अड़ियल रवैये और अभद्र व्यवहार का शिकार हो गया।
पूरी घटना का वीडियो भी हमारी टीम के पास है।
एक महीने से टहला रहा कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित 15 जुलाई को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय पहुंचा था।
वहां तैनात कर्मचारी राकेश कुमार ने काम करने के बजाय उसे 15 अगस्त के बाद आने की बात कहकर लौटा दिया।
जब पीड़ित उम्मीद लेकर 19 अगस्त को दोबारा कार्यालय पहुंचा, तो राकेश कुमार ने काम करने से साफ इनकार कर दिया
और उसे अगले महीने आने की धमकी देते हुए दफ्तर से उल्टे पैर भगा दिया।
*दिल्ली वाले करते है सबकुछ, सीएमओ क्या करेंगे
हैरानी की बात यह रही कि जब पीड़ित ने अपनी मजबूरी बताई, तो कर्मचारी राकेश कुमार ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा, "दिल्ली में बैठे लोग सबकुछ करते हैं, सीएमओ क्या करेंगे!"
कर्मचारी की इस दबंगई और पल्ला झाड़ने वाले रवैये का वीडियो टीम के पास मौजूद है।
*डिप्टी सीएम के निर्देशों की उड़ी धज्जियां*
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समय-समय पर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई का चाबुक चलाते रहे हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों पर इसका कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा।
आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए पहुंच रहे पीड़ितों के साथ हो रहा यह अपराधियों जैसा व्यवहार शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है।
लखनऊ सीएमओ कार्यालय बना बदसलूकी का अड्डा ।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहा पीड़ित, कर्मचारी ने दिखाई दबंगई ।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में आम जनता के साथ संवेदनहीनता और बदसलूकी का मामला सामने आया है।
पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा एक पीड़ित
कर्मचारी के अड़ियल रवैये और अभद्र व्यवहार का शिकार हो गया।
पूरी घटना का वीडियो भी हमारी टीम के पास है।
एक महीने से टहला रहा कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित 15 जुलाई को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय पहुंचा था।
वहां तैनात कर्मचारी राकेश कुमार ने काम करने के बजाय उसे 15 अगस्त के बाद आने की बात कहकर लौटा दिया।
जब पीड़ित उम्मीद लेकर 19 अगस्त को दोबारा कार्यालय पहुंचा, तो राकेश कुमार ने काम करने से साफ इनकार कर दिया
और उसे अगले महीने आने की धमकी देते हुए दफ्तर से उल्टे पैर भगा दिया।
*दिल्ली वाले करते है सबकुछ, सीएमओ क्या करेंगे
हैरानी की बात यह रही कि जब पीड़ित ने अपनी मजबूरी बताई, तो कर्मचारी राकेश कुमार ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा, "दिल्ली में बैठे लोग सबकुछ करते हैं, सीएमओ क्या करेंगे!"
कर्मचारी की इस दबंगई और पल्ला झाड़ने वाले रवैये का वीडियो टीम के पास मौजूद है।
*डिप्टी सीएम के निर्देशों की उड़ी धज्जियां*
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समय-समय पर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई का चाबुक चलाते रहे हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों पर इसका कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा।
आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए पहुंच रहे पीड़ितों के साथ हो रहा यह अपराधियों जैसा व्यवहार शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है।