वाराणसी, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी द्वारा श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रेरणादायी जीवन, राष्ट्रवादी चिंतन एवं समर्पित व्यक्तित्व पर आधारित चर्चित पुस्तक "समर्पणः दीनदयाल उपाध्याय" पर पुस्तक परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान युवा पीढ़ी के मध्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को पहुंचाना तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म भूषण से सम्मानित इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र न्यास के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा के मुख्य सचेतक लक्ष्मीकांत बाजपेयी उपस्थित रहे। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य रामाशीष सिंह सारस्वत अतिथि तथा सुप्रतिष्ठित वैदिक विद्वान एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के मर्मज्ञ विद्याप्रसाद मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद, राष्ट्रवाद और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़ने की आवश्यकता है। इस दिशा में "समर्पणः दीनदयाल उपाध्याय" जैसी पुस्तकें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक चन्दन कुमार (नई दिल्ली) ने पुस्तक की रचना प्रक्रिया, शोध और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रेरक प्रसंगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक देश की विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित होकर व्यापक जनमानस तक पहुंची है और राष्ट्रचिंतन के क्षेत्र में विशेष रूप से सराही गई है।
सभागार में उपस्थित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग ने पुस्तक और उससे जुड़े विचारों पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने युवाओं का आह्वान किया कि वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का अध्ययन कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
यह कार्यक्रम करौंदी स्थित इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, पार्श्वनाथ विद्यापीठ परिसर के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं युवा उपस्थित रहे।