वाराणसी/नई दिल्ली। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (7 अगस्त) के अवसर पर कहा कि हथकरघा भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विकसित भारत 2047 के निर्माण का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि देश के 35 लाख से अधिक बुनकरों और उनसे जुड़े कामगारों, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं, को सरकार विभिन्न योजनाओं, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और बाजार उपलब्ध कराकर सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि हथकरघा केवल पारंपरिक शिल्प नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण उद्यमिता और वैश्विक स्तर पर ‘हैंडमेड इन इंडिया’ की पहचान का प्रतीक है। सरकार क्लस्टर विकास, उन्नत करघों, डिजिटलीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार के माध्यम से इस क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बना रही है। उन्होंने युवाओं से हथकरघा क्षेत्र में तकनीक और उद्यमशीलता के साथ जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि हथकरघा उत्पादों को अपनाना बुनकरों की आजीविका मजबूत करने और भारत की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।