धर्मसम्राट् स्वामी श्री करपात्री जी महाराज का 119वां आविर्भाव महोत्सव 14 अगस्त को
वाराणसी। धर्मसम्राट् स्वामी श्री करपात्री जी महाराज का 119वां आविर्भाव महोत्सव परंपरानुसार श्रावण शुक्ल द्वितीया के अवसर पर 14 अगस्त 2026 को दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् शृंगेरी के शाखा मठ, महमूरगंज, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम श्री करपात्री जी महाराज के अनन्य शिष्य एवं ‘श्रीविद्या तत्वानुसंधान आश्रम’, हरिद्वार-दिल्ली के संस्थापक श्री महेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के पावन सन्निधि में संपन्न होगा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 9 बजे गो-पूजन, गुरु पादुकार्चन तथा चारों वेदों की दुर्लभ शाखा-शैली के पारंपरिक उत्कृष्ट वेदपाठी वैदिकों द्वारा वेदोद्घोष के साथ होगा इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे से विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का विषय “षोडश संस्कारों का वैज्ञानिक पक्ष व महत्व” रखा गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित विद्वान विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे आयोजकों के अनुसार इस वर्ष के महोत्सव की विशेषता उत्तर और दक्षिण की सनातन वैदिक परंपराओं का संगम भी है। श्री करपात्री जी महाराज की सनातन धर्म के क्षेत्र में विशिष्ट प्रतिष्ठा रही है, वहीं दक्षिण भारत की शृंगेरी परंपरा का भी सनातन जनमानस में विशेष श्रद्धा एवं सम्मान है। ऐसे में यह आयोजन उत्तर और दक्षिण की पारंपरिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के मिलन के साथ आपसी समरसता का संदेश देगा कार्यक्रम के आयोजन में श्री महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, महंत एवं अर्चक श्री चिंतामणी मंदिर काशी, प्रबंधक श्री चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, शृंगेरी शाखा मठ काशी, श्री चल्ला चिंतामणी गणेश जी, श्री चल्ला जगन्नाथ जी, श्री नीरज कुमार शर्मा, शारदा ग्लोबल इवेंट्स, श्री राजकृष्ण मालवीय, श्री कृष्ण अग्रवाल, एनडीएस, आचार्य श्री मोहन दूबे, दैवज्ञ, श्री राजीव गुप्ता, आचार्य पं. अमित कुमार पांडेय काशी, श्री गोपाल जी मिश्र, श्री चल्ला अभिनव, श्री संजय मिश्र, अर्चक माँ भीमचण्डी देवी मंदिर, श्री राजेश प्रजापति, पं. महेश तिवारी, पं. अभिषेक चौबे, सेवक दंडपाणी भैरव जी सहित अन्य गणमान्यजन का सहयोग रहेगा महोत्सव में दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् शृंगेरी के शाखा मठ, महमूरगंज, वाराणसी, श्री राजराजेश्वरी फाउंडेशन–श्रीक्षेत्र काशी, माँ भीमचण्डी देवी जन्मोत्सव आयोजन समिति, राजातालाब–वाराणसी, श्री गणेशोत्सव सेवा समिति–वाराणसी तथा श्री नारायण शिक्षण संस्थान–वाराणसी सहयोगी संस्थाओं के रूप में सहभागी हैं।