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  • The administration visited the young man's home to resolve the high-tension line dispute. Two hours of discussions continued, but no agreement was reached.

हाई टेंशन लाइन विवाद सुलझाने युवक के घर पहुंचा प्रशासन, दो घंटे चली बातचीत फिर भी नहीं बनी सहमति

शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रतिपूर्ति का भरोसा, रूट बदलने एवं संबंधित कर्मचारियों के ऊपर कारवाई की मांग पर तकनीकी प्रक्रिया का हवाला; युवक दोबारा धरने पर बैठने पर अड़ा  अविनाश चतुर्वेदी ✍️ 

रीवा/गुढ़। रीवा जिले की गुढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम हर्दी में हाई टेंशन लाइन निर्माण को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है। निर्माण कार्य के दौरन मुआवजा संबंधित विवाद में युवक को समझाने और मामले का समाधान निकालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी उसके घर पहुंचे। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह बघेल और तहसीलदार अरुण यादव राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे और युवक से करीब दो घंटे तक बातचीत की बातचीत के दौरान हाई टेंशन लाइन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, राजस्व अमला और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने युवक की आपत्तियां सुनीं और शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रतिपूर्ति एवं नियमानुसार समाधान का भरोसा दिया। हालांकि, युवक अपनी मांगों पर कायम रहा और दोबारा धरने पर बैठने की बात कहते हुए वहां से चार पहिया वाहन में धरना स्थल की ओर रवाना हो गया कलेक्टर स्वयं रात 11 बजे पहुंचे थे धरना स्थल  हर्दी गांव में हाई टेंशन लाइन निर्माण को लेकर युवक द्वारा विरोध और धरना दिए जाने की जानकारी के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं देर रात करीब 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचे थे कलेक्टर ने युवक से बातचीत कर उसकी समस्याएं सुनीं और नियमानुसार समाधान का भरोसा दिलाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे निर्देश के बाद एसडीएम-तहसीलदार ने घर पहुंचकर की बातचीत  कलेक्टर के निर्देश के बाद गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह बघेल और तहसीलदार अरुण कुमार यादव राजस्व अमले के साथ युवक के घर पहुंचे। अधिकारियों ने उसकी मांगों और आपत्तियों को विस्तार से समझने का प्रयास किया करीब दो घंटे तक चले संवाद में प्रशासन की ओर से युवक को शासन के प्रचलित नियमों और ऊर्जा विभाग की गाइडलाइन की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रतिपूर्ति का भरोसा  अधिकारियों ने बताया कि हाई टेंशन लाइन से प्रभावित निजी भूमि स्वामियों को प्रतिपूर्ति दिए जाने के संबंध में मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं प्रशासन की ओर से युवक को भरोसा दिलाया गया कि संबंधित भूमि स्वामी की पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिपूर्ति का निर्धारण व्यक्तिगत मांग के आधार पर नहीं, बल्कि शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है खेत से हाई टेंशन लाइन के पोल हटाने की मांग, अधिकारियों ने बताया तकनीकी प्रक्रिया  बातचीत के दौरान युवक की ओर से हाई टेंशन लाइन का रूट उसके खेत से हटाकर किसी अन्य स्थान से निकालने की मांग रखी गई। इस पर संबंधित अधिकारियों ने बताया कि ऐसी अति उच्च दाब पारेषण लाइन का मार्ग तकनीकी सर्वे, निर्धारित नक्शे और विभागीय मानकों के आधार पर तय किया जाता है अधिकारियों के अनुसार निर्माण से पहले तकनीकी स्तर पर सर्वे एवं परीक्षण किए जाते हैं और उसी के आधार पर लाइन का रूट निर्धारित होता है। ऐसे में केवल व्यक्तिगत मांग के आधार पर निर्धारित रूट में बदलाव करना तकनीकी एवं विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप संभव नहीं बताया गया ड्यूटी पर पहुंचे कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी मांग बातचीत के दौरान युवक की ओर से निर्माण कार्य के दौरान ड्यूटी पर पहुंचे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले में उपलब्ध तथ्यों और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गहमा-गहमी के बीच अधिकारियों ने संभाला माहौल  करीब दो घंटे चली बातचीत के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गहमा-गहमी भरा भी रहा। युवक के कुछ साथियों द्वारा विभागीय अधिकारियों से तीखी बातचीत किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, गुढ़ एसडीएम और तहसीलदार ने स्थिति को संयमपूर्वक संभालते हुए बातचीत का सिलसिला जारी रखा और युवक को धरना समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास किया समझाइश के बाद भी युवक अपनी मांगों पर कायम  लगातार समझाइश के बावजूद युवक प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आया। उसने अपनी मांगों पर कायम रहते हुए दोबारा धरने पर बैठने की बात कही। इसके बाद युवक एवं उसके साथी चार पहिया वाहन से पुनः धरना स्थल की ओर रवाना हो गये अब समाधान की राह पर टिकी निगाहें  फिलहाल प्रशासन की ओर से शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रतिपूर्ति और नियमानुसार समाधान का भरोसा दिया गया है, जबकि युवक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के रुख पर कायम है अब देखना यह होगा कि प्रशासन और प्रभावित पक्ष के बीच आगे होने वाली बातचीत से कोई सहमति बनती है या टावर लाइन निर्माण को लेकर विवाद और गहराता है। फिलहाल करीब दो घंटे की प्रशासनिक समझाइश के बाद भी मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है इसी बीच मिली जानकारी के अनुसार निज भूमि के लिए आंदोलनरत युवक के अस्वस्थ होने की वजह से युवक को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है।